मुन्ना
मुन्नी वो दिन याद करो
जब हम तुम साथ नहाते थे
तुम चुत पे साबुन मलती थी
हम लंड पे झाग उठाते थे
मुन्नी
मुन्ना वो दिन बीत गए
अब चुत छुपाने की है बारी
भूलो उन बीती यादो को
मुन्नी है भारत की नारी
मुन्ना
मुन्नी वो दिन याद करो
जब हम डॉक्टर - मरीज़ बन जाते थे
दिल की धडकन चेक करने को
चूची पे रगड़ लगाते थे
मुन्नी
मुन्ना वो दिन बीत गए
अब चूची चोली के अंदर है
घूर -घूर के देख तू मम्मे
अब तू भूखा बंदर है
मुन्ना
मुन्नी वो दिन याद करो
जब हम - तुम साथ में सोते थे
तुम चुत में खेती करती थी
हम लंड पे गन्ने बोते थे
मुन्नी
मुन्ना वो दिन बीत गए
जब चुत में होती थी खेती
अब लंड की फसलों के डर से
मेरी चुत अकेली है सोती
मुन्ना
मुन्नी वो दिन याद करो
जब लुका - छुपी खेलते थे हम
तुम लह्गा पहन के आती थी
और उसमे छुप जाते थे हम
मुन्नी
मुन्ना वो दिन बीत गए
जब घुस गए थे तुम लह्गे में
अब तुम पुरे भालू हो
और शहद का छत्ता लह्गे में
मुन्ना
मुन्नी वो दिन याद करो
जब साथ में खेलते थे होली
चुत में ऊँगली डाली हमने
भीगा के तेरी वो चोली
मुन्नी
मुन्ना वो दिन बीत गए
अब चुत हमारी प्यारी है
क्यों होली की बाते अब
जब लंड तेरा पिचकारी है
मुन्ना ( रोते हुए )
मुन्नी वो दिन बीत गए
सचमुच ही वो दिन बीत गए
अब चुत के दर्शन की खातिर
हम चुत - चालीसा पढते है
पर चुत नहीं दर्शन देती
हम लंड रगड़ते रहते है
पर वक्त हमारा आयेगा
जब हम भी तुमको चोदेगे
तुम लंड - लंड चिलाओगी
हम चुत में डंडा पेलेगे
मुन्नी, मुन्ने को कम ना समझ
ये तेरी मैया चोदेगा
तू पैर पकड़ कर रोवोगी
तेरी चुत में बम्बू ठोकेगा
तू चिखेगी चिलाएगी
पर कोइ नहीं बचायेगा
रगड़ -रगड़ के मुन्ना लेगा
अपनी तुझे बनायेगा
मुन्नी वो दिन याद करो
जब हम तुम साथ नहाते थे
तुम चुत पे साबुन मलती थी
हम लंड पे झाग उठाते थे
मुन्नी
मुन्ना वो दिन बीत गए
अब चुत छुपाने की है बारी
भूलो उन बीती यादो को
मुन्नी है भारत की नारी
मुन्ना
मुन्नी वो दिन याद करो
जब हम डॉक्टर - मरीज़ बन जाते थे
दिल की धडकन चेक करने को
चूची पे रगड़ लगाते थे
मुन्नी
मुन्ना वो दिन बीत गए
अब चूची चोली के अंदर है
घूर -घूर के देख तू मम्मे
अब तू भूखा बंदर है
मुन्ना
मुन्नी वो दिन याद करो
जब हम - तुम साथ में सोते थे
तुम चुत में खेती करती थी
हम लंड पे गन्ने बोते थे
मुन्नी
मुन्ना वो दिन बीत गए
जब चुत में होती थी खेती
अब लंड की फसलों के डर से
मेरी चुत अकेली है सोती
मुन्ना
मुन्नी वो दिन याद करो
जब लुका - छुपी खेलते थे हम
तुम लह्गा पहन के आती थी
और उसमे छुप जाते थे हम
मुन्नी
मुन्ना वो दिन बीत गए
जब घुस गए थे तुम लह्गे में
अब तुम पुरे भालू हो
और शहद का छत्ता लह्गे में
मुन्ना
मुन्नी वो दिन याद करो
जब साथ में खेलते थे होली
चुत में ऊँगली डाली हमने
भीगा के तेरी वो चोली
मुन्नी
मुन्ना वो दिन बीत गए
अब चुत हमारी प्यारी है
क्यों होली की बाते अब
जब लंड तेरा पिचकारी है
मुन्ना ( रोते हुए )
मुन्नी वो दिन बीत गए
सचमुच ही वो दिन बीत गए
अब चुत के दर्शन की खातिर
हम चुत - चालीसा पढते है
पर चुत नहीं दर्शन देती
हम लंड रगड़ते रहते है
पर वक्त हमारा आयेगा
जब हम भी तुमको चोदेगे
तुम लंड - लंड चिलाओगी
हम चुत में डंडा पेलेगे
मुन्नी, मुन्ने को कम ना समझ
ये तेरी मैया चोदेगा
तू पैर पकड़ कर रोवोगी
तेरी चुत में बम्बू ठोकेगा
तू चिखेगी चिलाएगी
पर कोइ नहीं बचायेगा
रगड़ -रगड़ के मुन्ना लेगा
अपनी तुझे बनायेगा
No comments:
Post a Comment